भिवाड़ी इंटीग्रेटेड विकास प्राधिकरण का आशियाना हाउसिंग को झटका


भिवाड़ी। आशियाना हाउसिंग लिमिटेड के भिवाड़ी स्थित मल्टीस्टोरी रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट आशियाना टाउन बीटा में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस टाउनशिप के निवासियों की ओर से भवन के रखरखाव, प्रबंधन और प्रशासनिक अनियमित्ताओं को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही थी। स्थानीय आशियाना टाउन बीटा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले किए जा रहे विरोध को एक प्रतिनिधि मण्डल ने भिवाड़ी इंटीग्रेटेड विकास प्राधिकरण के संज्ञान में भी लाने का काम किया था। जिसके बाद अब एक्शन लेते हुए प्राधिकरण ने सख्ती दिखाई है।

गौरतलब है कि आशियाना टाउन बीटा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने बढ़ते मेंटीनेंस और मेंटीनेंस कंपनी की ओर से कमजोर सेवाओं को लेकिन बिल्डर, मेंटीनेंस कंपनी के संज्ञान में पूरी बातें लाने का प्रयास किया था। लेकिन समाधान नहीं निकलता देख एसोसिएशन ने भिवाड़ी इंटीग्रेटेड विकास प्राधिकरण का दरवाजा खटखटाया। बहरहाल अब प्राधिकरण ने अपने एक ताजा आदेश में आशियाना हाउसिंग लिमिटेड को निर्देशित किया है कि वह राजस्थान अपार्टमेंट ओनरशिप एक्ट के प्रावधानुसार आशियाना टाउन बीटा, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को भवन रख-रखाव, प्रबंधन एवं प्रशासनिक कार्यभार हस्तांतरण करते हुए राहत देने को कहा है। साथ ही यह भी निर्देशित किया है कि यह कार्यभार हस्तांतरण की कार्यवाही करके आशियाना बिल्डर्स 7 दिन में भिवाड़ी इंटीग्रेटेड विकास प्राधिकरण एवं सक्षम अधिकारी को उपरोक्त की पालना सुनिश्चित करेंगे।

इस संबंध में जारी आदेश की प्रतिलिपी पहले ही भिवाड़ी इंटीग्रेटेड विकास प्राधिकरण ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बीड़ा, भिवाड़ी और अध्यक्ष, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, आशियाना टाउन बीटा थड़ा, भिवाड़ी को भी जारी कर दी है। अब देखना यह होगा कि क्या प्राधिकरण के निर्देर्शों की पालना बिल्डर समय रहते कर पाएंगे और स्थानीय निवासियों को संतुष्ट कर पाएंगे। इधर राजस्थान अपार्टमेंट्स ओनरशिप एक्ट 2015 के नियमानुसार बायलॉज को नहीं मानने पर इसकी भी संभावना है कि बिल्डर पर भिवाड़ी इंटीग्रेटेड विकास प्राधिकरण 1 प्रतिशत फाइन भी लगा सकता है। ऐसा होता है, तो यह करीब 4.5 करोड़ के आसपास बैठेगा। साथ ही इस बात की भी संभावना है कि एक्ट में प्रति फ्लैट 100 रुपए प्रतिदिन के लिहाज से लगने वाला फाइन भी बिल्डर को भुगतना पड़ सकता है।

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बिल्डर ने हमारी नहीं सुनी, लेकिन सरकार ने की मदद

अपनी समस्याओं को लेकर हमने बिल्डर को करीब 100 ईमेल किए किए होंगे। बजट को लेकर, एग्रीमेंट के बाहर की चीजों पर लगने वाले चार्जेज को लेकर, मर्जी से बढ़ाए जा रहे मेंटीनेंस को लेकर, लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों की बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए गए। इस मुद्दे को लेकर जब हम जिला कलक्टर से मिले, तो उन्होंने हमें भिवाड़ी इंटीग्रेटेड विकास प्राधिकरण भेजा, जहां वाकई हमारी सुनवाई हुई। अब यह ताजा आदेश यहां के निवासियों को राहत देने वाला है। हम अप्रेल 2021 से हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, जब स्टेट बैंक का एटीएम यहां लगाया गया था। एसबीआई से एमओयू साइन होने के बावजूद बिल्डर ने एटीएम में बिजली कनेक्शन आज तक नहीं होने दिया। हमारे लोगों का पीएनजी (प्रेशराइज्ड नेच्युरल गैस) भी रोक दिया गया, जिसमें 56 रुपए प्रति किग्रा. की सरकारी दर से गैस उपलब्ध हो जाती है। सही मायने में देखें, तो हम रेजिडेंट्स को पैसे का नुकसान हो रहा है, लोग परेशान हो रहे हैं। हमने सोलर लगाने को लेकर भी बात की है, लेकिन उसके लिए भी बिल्डर राजी नहीं हुए हैं, जबकि फायदा यहां के निवासियों को होगा। हमने बिल्डर की मनमानियों से परेशान होने के बावजूद उन्हें पांच-छह महीने खूब मौका दिया, अपनी समस्याएं लिख कर दी, समझाईं लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो प्राधिकरण के पास गए।

- डॉ. अनिल सिंह, अध्यक्ष, आशियाना टाउन बीटा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, भिवाड़ी

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